स्वास्थ्य

सीएचसी बेलेश्वर से रेफर किए गए नवजात की रास्ते में मौत

घनसाली। भिलंगना ब्लॉक की खराब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने का नाम नहीं ले रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर में समय से पहले जन्मे नवजात की बेस अस्पताल श्रीनगर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। नवजात के परिजनों ने रेफर किए जाने और एंबुलेंस में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
गोनगढ़ पट्टी के कोट गांव निवासी केसर सिंह की 29 वर्षीय पत्नी आरती देवी को 12 अगस्त को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर लाया गया था। उसी दिन शाम करीब 5.30 बजे नवजात को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के कुछ समय बाद डॉक्टरों ने महिला और बच्चे को बेस अस्पताल श्रीनगर के लिए रेफर कर दिया। केसर सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जिस एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को श्रीनगर भेजा गया,उसमें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। आरोप है कि श्रीनगर पहुंचने से पहले ही रास्ते में नवजात की मौत हो गई थी। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा प्रभारी डॉ.उषा भट्ट ने बताया कि बच्चा 7 महिने में ही हो गया था। नवजात का जन्म समय से पहले होने से उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी की जरूरत थी। इसी कारण जच्चा-बच्चा को बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया था। जिस 108 एंबुलेंस से उन्हें भेजा गया,उसमें पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध थी। उस समय बच्चे को ऑक्सीजन की आवश्यकता भी नहीं थी। मरीजों को एंबुलेंस के लिए इंतजार भी नहीं करना पड़ा। मलेथा तक नवजात की निगरानी 108 सेवा के आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन और औषधि विशेषज्ञ के पास थी। मलेथा के बाद परिजनों ने बच्चे को अपनी गोद में ले लिया। इसके कुछ समय बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। श्रीनगर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने नवजात की जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया।

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