हरकी पैड़ी पर जल विहीन हुई गंगा, श्रद्धालु मायूस
हरिद्वार।
वार्षिक बंदी के दौरान गंग नहर को देर रात को 18 दिनों के लिए बंद किया गया।
लेकिन हरकी पैड़ी पर भी गंगा जल विहीन हुई।
सुबह के समय गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचे श्रद्धालुओं के मायूसी हाथ लगी।
अस्थि विसर्जन और अन्य कर्मकांड प्रभावित हुए।
अनुबंध के अनुसार गंगा में हरकी पैड़ी पर 200 क्यूसेक जल रखना अनिवार्य।
सुबह के समय बड़ी गंगा में पैसे सोना चानी खोजते देखे लोग।
वहीं यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा शाम को गंगा आरती से पहले हरकी पैड़ी पर जल छोड़ा जाएगा।

