क्राइम

बाप बेटा दोनों थे सनकी

आगरा के इस्लाम नगर के अरशद ने मां और 4 बहनों की हत्या यूं ही नहीं की। मोहल्ले वाले उसे सिरफिरा कहते हैं। लोगों ने दावा किया कि उसने घर को बहनों के लिए कैदखाना बना दिया था। घर से निकलने पर उनसे मारपीट करता था। रोजाना पड़ोसी बहनों से मारपीट की आवाज सुना करते थे। वह खुद भी पड़ोसियों से बात नहीं करता था। कई बार कहासुनी करने लगता था। इस कारण कोई उससे बोलता नहीं था। लखनऊ में हत्याकांड की जानकारी के बाद उसके घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। लोग यही कह रहे थे कि अरशद सिरफिरा था।
बदरुद्दीन मोहल्ले में दिल्ली वालों के नाम से जाने जाते हैं। इसकी वजह उनका परिवार करीब 15 साल पहले दिल्ली से आगरा आया था। दिल्ली में वह किसी फैक्टरी में काम करता था। किसी बात पर नौकरी चली गई। इस पर आगरा आ गए। इस्लाम नगर में ही किराए के मकान में रहते थे। बाद में यहीं पर 100 गज का प्लॉट खरीद लिया। इसमें एक कमरा बनाकर पूरा परिवार रह रहा था।
इसके बाद 50 गज में अपना दो मंजिला मकान बना लिया। एक दुकान भी बना ली। इसमें सामान बेचना शुरू कर दिया। बगल में पड़ाेसी आफताब की दुकान है। मोहल्ले में रहने वाले साहिल ने बताया कि मोहम्मद बदर अपनी पत्नी और बेटियों को पीटा करता था। यही काम अरशद भी करता था। मां अस्मा और बेटियों को घर से बाहर नहीं निकलने देता था। साहिल का कहना था कि पिता-पुत्र दोनों सनकी हैं। इस कारण उनसे कोई बात नहीं करता था।
28 जुलाई 2019 को अरशद का निकाह हुआ था। बस्ती में रहने वाली कासमा ने बताया कि मोहल्ले में ही अरशद के परिवार से जान पहचान हुई थी। उन्होंने अपनी बेटी चांदनी के निकाह के लिए बात की। बदरुददीन तैयार हो गए। इस पर निकाह कर दिया। बेटी को घर जाने पर पिता-पुत्र का व्यवहार अच्छा नहीं लगा। अरशद चांदनी से मारपीट करता था। उसकी सास भी अपने पति की हरकत से खुश नहीं थी। इस पर वो दो महीने बाद ही वापस मायके आ गई। वह लाैटकर नहीं गई। बाद में दो साल पहले तलाक ले लिया।

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