संकरे मार्ग पर ट्रक खड़ा कर यातायात बाधित करने और पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करने पर चालक गिरफ्तार
चारधाम यात्रा अपने चरम पर है तथा श्री बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत जनपद चमोली में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में दिनांक 24 अक्टूबर 2026 की शाम ज्योतिर्मठ कस्बे में ज्योति विद्यालय के सामने संकरे मार्ग पर दो ट्रक खड़े किए जाने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और चारधाम यात्रा पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस दौरान वाहन संख्या UK 14 CA 6530 का चालक *दिल सिंह पुत्र चन्द्री राम, निवासी लालतप्पड़, थाना डोईवाला, जनपद देहरादून, उम्र 41 वर्ष* तथा दूसरे ट्रक के चालक राजेन्द्र सिंह पुत्र कुंवर सिंह, निवासी पीपली, थाना रुद्रप्रयाग, जनपद रुद्रप्रयाग अपने-अपने ट्रकों को ज्योतिर्मठ कस्बे में ज्योति विद्यालय के सामने संकरे मार्ग पर खड़ा कर आराम कर रहे थे। संकरा मार्ग होने के कारण वहां से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। देखते ही देखते हेलंग की ओर लगभग 400–500 मीटर तथा बद्रीनाथ की ओर करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। स्थिति ऐसी हो गई कि उक्त स्थान से वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से नहीं हो पा रही थी, जिससे यात्रियों को अनावश्यक देरी और असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौके पर यातायात ड्यूटी में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक विक्रम सिंह रावत एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों वाहन चालकों को अपने-अपने वाहन हटाकर यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान चालक राजेन्द्र सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए वाहन को मौके से हटा लिया। सार्वजनिक मार्ग पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने के संबंध में उसके विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 81 के अंतर्गत ₹500 का चालान किया गया तथा आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे मौके पर छोड़ दिया गया।
वहीं, दूसरे ट्रक के चालक दिल सिंह को भी वाहन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने वाहन हटाने से इनकार कर दिया। पुलिस द्वारा समझाने पर भी चालक ने सहयोग नहीं किया और यातायात जाम खुलवाना पुलिस का काम बताते हुए आराम करने की बात कही। उसने पुलिसकर्मियों के साथ अनावश्यक बहस की तथा अपने वाहन को मौके से हटाने से इनकार करता रहा। इस कारण मार्ग पर यातायात बाधित रहने के साथ-साथ वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य यात्रियों को परेशानी होती रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक विक्रम सिंह रावत एवं पुलिस बल द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए वाहन को आगे-पीछे करवाकर दोनों ओर लगे जाम को खुलवाया गया तथा यातायात को सुचारू कराया गया। इसके बावजूद संबंधित चालक द्वारा पुलिस अधिकारी के साथ पुनः बहस की गई। लोकहित में दिए गए वैध निर्देशों का पालन न करने तथा मौके पर उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत चालक दिल सिंह को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172(2) के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया।
!! सोशल मीडिया पर प्रसारित थप्पड़ मारने के आरोप निराधार !!
उक्त प्रकरण के संबंध में कुछ सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से यह दावा प्रसारित किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा वाहन चालक को थप्पड़ मारे गए। चमोली पुलिस स्पष्ट करती है कि पुलिसकर्मियों द्वारा थप्पड़ मारने के संबंध में प्रसारित किया जा रहा दावा निराधार एवं असत्य है। मौके पर पुलिस द्वारा बाधित यातायात को सुचारू कराने, वाहन हटवाने तथा पुलिस के वैध निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
चमोली पुलिस चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे में संकरे मार्गों पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करना न केवल अन्य यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को भी प्रभावित कर सकता है।