बैठक

लंबित प्रकरणों एवं प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में जनपदों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के साथ लंबित प्रकरणों एवं प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर से विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी आवश्यकता, उपयोगिता एवं आर्थिक व्यवहार्यता का समुचित आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रस्ताव को शासन को भेजने से पूर्व उसका कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस (लागत-लाभ विश्लेषण) अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि प्रस्तावों की वास्तविक उपयोगिता एवं उनसे होने वाले लाभ का स्पष्ट आकलन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आने वाली व्यावहारिक समस्या को देखते हुए निर्देश दिए हैं कि अच्छा कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इनका संचालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज के संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता एवं विशेषज्ञता विकसित करते हुए स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकता का शीघ्र आकलन करते हुए इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों (शैडो एरिया) का व्यापक सर्वेक्षण एवं चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की सूची तैयार कर शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क विहीन क्षेत्रों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। इसमें यह स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए कि राजमार्ग के किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इस संबंध में दूरसंचार विभाग (डीओटी) से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।

मुख्य सचिव ने जनपद देहरादून में त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक अनिवार्य रूप से ऑपरेशनल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के संचालन के लिए चिकित्सक सहित आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं समय से सुनिश्चित की जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए शौचालयों सहित विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रधानाचार्यों को उपलब्ध कराए जाने वाले अनटाइड फंड में आवश्यकता के अनुसार वृद्धि किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने विद्यालय भवनों की मरम्मत एवं नए भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री अमित कुमार सिन्हा, श्री सहदेव सिंह, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री दीपक कुमार, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री सी. रविशंकर, श्री युगल किशोर पंत, श्री रणवीर सिंह चौहान, डॉ. अहमद इकबाल, श्रीमती रंजना राजगुरू, श्री राजेंद्र कुमार, कमिश्नर गढ़वाल श्री आनन्द स्वरूप, कमिश्नर कुमाऊं श्री दीपक रावत सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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