सोने की लंका धू-धू कर जली, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा पंडाल
रामलीला महोत्सव में हनुमान जी के पराक्रम और बाली वध का हुआ सजीव मंचन
डोईवाला – स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के सेंट्रल पार्क में हिमालयन रिक्रिएशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव के सातवें दिन लंका दहन का भव्य मंचन आकर्षण का केंद्र रहा।
सोने की लंका में आग लगते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला में बाली-सुग्रीव युद्ध के दौरान दोनों भाइयों के बीच घमासान संघर्ष दिखाया गया। अंत में श्रीराम ने बाली का वध किया। इसके बाद अशोक वाटिका में माता सीता और हनुमान जी के मिलन का भावुक प्रसंग मंचित किया गया। हनुमान ने माता सीता को प्रभु राम का संदेश दिया और वाटिका उजाड़ दी। इस दौरान रावण पुत्र अक्षय कुमार का वध भी किया गया। मेघनाद हनुमान जी को ब्रह्मास्त्र से बांधकर रावण के दरबार में ले गया। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई गई। इसके बाद हनुमान जी ने अपनी जलती पूंछ से सोने की लंका को आग के हवाले कर दिया। लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों में उत्साह भर दिया और पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला महोत्सव के आठवें दिन 18 अक्टूबर को रामेश्वर स्थापना, रावण दरबार, विभीषण निष्कासन, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।

