हिजाब बांधते समय मुंह में रखी पिन सांस की नली में फंसी, दून अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई 12 वर्षीय बच्ची की जान
देहरादून। दून अस्पताल के ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों ने अपनी तत्परता और सूझबूझ से एक 12 वर्षीय बच्ची को नई जिंदगी दी है। हिजाब बांधते समय मुंह में दबाई गई एक पिन अचानक खांसी आने से बच्ची की सांस की नली में जा फंसी थी। गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई बच्ची का डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया और सफल प्रक्रिया के जरिए पिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, कारगी स्थित बिस्मिल्लाह चौक निवासी 12 वर्षीय जोया 26 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे अपना हिजाब बांध रही थी। सुविधा के लिए उसने पिन को होठों के बीच दबा रखा था। तभी उसे अचानक तेज खांसी आई और पिन सीधे उसकी सांस की नली में उतर गई। घटना के बाद घबराए परिजन रात के समय बच्ची को लेकर आनन-फानन में दून अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने मामले की गंभीरता और खतरे को देखते हुए एक पल भी व्यर्थ नहीं किया। तत्काल ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की टीम को अलर्ट किया गया और बच्ची को ओटी में शिफ्ट किया गया। यहां ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने आपसी समन्वय से कड़ी मशक्कत के बाद फंसी हुई पिन को सफलतापूर्वक निकाल दिया।
इन डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया में ईएनटी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीबा राणा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमानी शर्मा, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मोहसिन रजा, पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉ. सबा परवीन, डॉ. प्रियंका पांडेय और इंटर्न डॉ. भूमि शामिल रहीं। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा, पीजी जूनियर डॉ. निहारिका और डॉ. राहुल मीणा के साथ ओटी नर्सिंग ऑफिसर हर्ष व्यास ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,