अधिकमास के अंतिम दिन सक्रांति एवं सोमवती अमावस्या पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या तीर्थ नगरी में सभी होटल,धर्मशालाएं, लॉज ,गेस्ट हाउस फुल रहे, ट्रैफिक प्लान में कई किलोमीटर तक यात्रियों को पैदल चलना पड़ा हरिद्वार में आने वाले सभी रास्तों पर जाम लगा रहा। पुलिस प्रशासन की गई कवायद भी यात्रियों की भीड़ के सामने बोनी दिखाई पड़ी। पुलिस में नए रिक्रूट्स भी ड्यूटी पर गर्मी धूप में भी मुस्तैद रहे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं एस एस पी नवनीत सिंह भुल्लर सहित प्रशानिक एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी भीड़ नियंत्रण में लगे रहे। एन डी आर एफ, एस डी आर एफ के जवानों ने भी मेला स्थल पर निगाहें बनाए रखी। मेला प्रशासन 1996की सोमवती अमावस्या हादसे के बाद आयोग की रिपोर्ट के आधार पर मेला प्लान बनाता चला आ रहा है। इस पर्व पर 20से 25लाख यात्रियों के द्वारा गंगा स्नान करने का अनुमान लगाया जा रहा है हर की पौड़ी ब्रह्मकुण्ड के अतिरिक्त अन्य घाटों पर स्नान करने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि सकती हैं। साधारण होटल वालो ने भी यात्रियों से एक कमरे का एक रात का 3से 5हज़ार रुपये किराया वसूला। जिला प्रशासन को होटलों में उनकी रेटिंग के अनुसार कमरों का शुल्क एवं चेक आउट टाइम निर्धारित करना चाहिए साथ ही रिसेप्शन काउंटर पर सूचियाबद्ध रखने के निर्देश देकर औचक निरीक्षण करते रहना चाहिए!
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