13 घंटे चले 0बाद रात डेढ़ बजे टंकी से उतरे आयुष छात्र, 10 दिन में समाधान का आश्वासन
एसडीएम, सीओ और डिप्टी रजिस्ट्रार की मान-मनौव्वल के बाद माना गुस्सा; पेट्रोल की बोतलें लेकर टंकी पर चढ़े थे बीएएमएस छात्र
देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (हर्रावाला) परिसर में परीक्षा परिणाम और लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर पेट्रोल की बोतलें लेकर पानी की टंकी पर चढ़े बीएएमएस (BAMS) छात्रों का हाईवोल्टेज ड्रामा करीब साढ़े 13 घंटे बाद समाप्त हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद रात करीब 1:30 बजे छात्र सुरक्षित नीचे उतर आए।
रात डेढ़ बजे बनी बात
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तीन छात्र और एक छात्रा आत्मदाह की चेतावनी देते हुए विवि परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। देर रात तक चले इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। एसडीएम अपूर्वा सिंह, सीओ वंदना वर्मा और विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. संजीव पांडेय ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से लंबी वार्ता की। अधिकारियों द्वारा 10 दिनों के भीतर समस्या का सकारात्मक समाधान निकालने का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद रात 1:30 बजे छात्रों ने अपना आंदोलन स्थगित किया और टंकी से नीचे उतरे।
अटके रिजल्ट को लेकर फूटा था गुस्सा
सत्र 2019 से 2022 बैच के छात्रों का आरोप है कि बीते ढाई वर्षों से उनके परिणाम अटके हुए हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। प्रदर्शन में अंकित वर्मा, प्रशांत, ओमकार इगेडे, अभिजीत रनते, उत्कर्ष तिवारी, आदित्य उपाध्याय और साक्षी समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
विवि का रुख और नोटिस
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 11 संबद्ध निजी कॉलेजों में सत्र 2018 से 2023 के दौरान काउंसलिंग से इतर नीट/नॉन-नीट आधार पर हुए प्रवेश का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। अदालत के आदेश के बिना विवि स्तर से परिणाम जारी करना संभव नहीं है।