*जीवित रहने के लिए हिंदुओं को इजरायल की तरह अपना एक राष्ट्र बनाना पड़ेगा_महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी*
*महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी के शिष्य यति यतींद्रानंद गिरी जी उनका संदेश भारत के सभी धर्मगुरुओं तक ले जायेगे।*
*महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी जी इस पूरे अभियान को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर लाएगी।*
आज शिवशक्ति धाम डासना गाजियाबाद के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज मुस्लिम मुक्त सनातन वैदिक राष्ट्र की मुहिम की आधिकारिक घोषणा की।
यह घोषणा उन्होंने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से की जिसमें उनके साथ श्री महाकाली पीठ हनुमत धाम मुरादनगर की पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी जी,यति यतींद्रानंद गिरी जी तथा अनिल यादव छोटे नरसिंहानंद भी उपस्थित थे।
आर डी सी राजनगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने बताया कि उनके शिष्यों का एक समूह सम्पूर्ण भारत के हिन्दू धर्मगुरुओं से मिलकर उन्हें सनातन वैदिक राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
ये महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज का एक पत्र सभी धर्मगुरुओं को देंगे और उनसे इस्लामिक जिहाद के परिपेक्ष्य में सनातन धर्म और हिन्दू समाज के भविष्य के विषय में चिंतन करने का निवेदन करेंगे।
प्रेस वार्ता में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि अब तक हमने सारे राजनैतिक दलों को आजमा लिया है और अब ये तय हो गया है कि ये राजनीति करने वाले किसी के सगे नहीं हैं।ये अपने बच्चों को विदेशों में भेजकर इस देश को धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिंदुओं का नर्क बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं।इन पर विश्वास करने का अर्थ अपने धर्म,समाज और वंश को सर्वनाश की भट्ठी में झोंकना है।आज तक का इतिहास बताता है कि हिन्दू राजनेता अपने लोगों को झूठी बातों में लगाए रखते हैं जबकि इस्लाम के जिहादी दिन रात हिंदुओं सहित सभी काफ़िरों और मुशरिको को क़त्ल करने की योजनाओं में लगे रहते हैं।ऐसे में अब केवल एक ही मार्ग शेष है कि हमारे पास की इजरायल जैसा एक देश हो।इस देश में एक भी मस्जिद, एक भी मदरसा,एक भी मजार और एक भी मुसलमान नहीं होना चाहिए।अगर हम ऐसा देश नहीं बना पाते हैं तो हमारे विनाश को कोई नहीं रोक सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी जी महाराज इस लक्ष्य को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रखने का कार्य करेगी और एक दिन सनातन वैदिक राष्ट्र बन कर रहेगा!
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज का पत्र भी संलग्न है।

