विकासनगर
जौनसार बावर क्षेत्र में धूमधाम से मनाए जाने वाले आस्था के प्रतीक जागड़ा पर्व की शुरुआत रविवार को धूमधाम से हो गयी थी। रविवार को क्षेत्र के सिद्धपीठ हनोल सहित बिसोइ, लखवाड़, थेना, लकसियार, आदि कई गांवो में महासू महाराज के जागड़े का आयोजन तूकिया गया। इसके बाद सोमवार को क्षेत्र के कई मंदिरों में जागड़ा मनाने के बाद पर्व सम्पन्न हुआ।
आस्था के प्रतीक जागड़ा पर्व में देवपूजन के साथ दूरदराज से आये हज़ारो लोगो ने महासू महाराज के दर्शन कर मन्नते मांगी। देवताओं के दर्शन करने को महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
जौनसार बावर क्षेत्र में रविवार से जागड़े पर्व का शुभारंभ हुआ था देव पर्व जागड़ा सिद्धपीठ हनोल सहित बिसोई, लखवाड़, लकसियार,थेना, पंचरा, भंजरा, कोटी, व कोटूवा, आदि गांवों में धूमधाम से मनाया गया। हिमाचल के पश्मी गांव जहां वर्तमान में चालदा महाराज विराजमान हैं सहित कई गांवों में सोमवार को भी जागड़ा पर्व मनाया गया।
सोमवार सुबह क्षेत्र के टुंगरा, खाटवा, भंजरा, सिद्धपीठ थैना, कोटी, टगरी आदि गांवो में स्थित महासू मंदिरों से सुबह देवलगनुसार मंदिरों से देव पालकियां व निशानों को जैसे ही स्नान के लिए बाहर निकाला गया वैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ देव दर्शन को उमड़ पड़ी व सैकड़ो महिलाओं पुरुषों पर साक्षात देवता भी अवतरित हुए व उन्होंने देव पालकी के समक्ष नृत्य किया। देव वाद्य यंत्रो की थाप पर देव पालकी डोरिये निशान व चिन्हों के साथ श्रद्धालु देव पालकी को स्न्नान के लिए गांव के समीप देव स्रोत पर ले गए जहां विधि विधान के साथ देव पालकियों को स्न्नान करा पालकी को वापस मन्दिर में प्रवेश कराया गया।
जागड़ा पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया श्रद्धालु देव गीतों पर नाचते झूमते रहे उन्होंने मंदिरों के प्रांगण में देव हारुल पर नृत्य भी किया व देवता को नमन कर सुख समृद्धि की कामना की।



