बैठक

मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘लेखकों से संवाद

मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘लेखकों से संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेश के प्रतिष्ठित लेखकों एवं प्रकाशकों के साथ आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उनका स्वागत एवं सम्मान करते हुए साहित्य, सृजन और समाज में पुस्तकों की भूमिका पर सार्थक चर्चा हुई। साथ ही उपस्थित लेखकों ने अपनी रचनाओं और प्रकाशित पुस्तकों का परिचय साझा किया।

इस दौरान उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक चेतना और नई पीढ़ी में अध्ययन एवं लेखन की संस्कृति को सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। हमारी सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से अप्रकाशित एवं बिखरे साहित्य के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘साहित्य ग्राम’ की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ से जुड़ते हुए उपस्थित लेखकों की रचनाओं में से 50 पुस्तकें क्रय कर उन्हें रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए भिजवाया। मेरा विश्वास है कि यह छोटा-सा प्रयास पुस्तक दान की संस्कृति को सशक्त करेगा और युवाओं में अध्ययन, चिंतन एवं ज्ञानार्जन की नई प्रेरणा जगाने का माध्यम बनेगा।

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