मरणोपरांत देहदान का संकल्प लेकर सात लोगों ने दिखाई मानवता की मिसाल
हरिद्वार। मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा का संकल्प लेकर सात लोगों ने समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया है। सामाजिक संस्था मुस्कान फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविर के दौरान सात लोगों ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प पत्र भरते हुए अपने शरीर को मेडिकल रिसर्च और चिकित्सा शिक्षा के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया। संस्था की इस पहल को समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आर्य वानप्रस्थ आश्रम, ज्वालापुर में आयोजित चिकित्सा शिविर के दौरान अरविंद कंबोज, राजेश मधुभाई धूमल, धर्मेंद्र खन्ना, महेश चंदर, शैला खन्ना, प्रेम प्रकाश लाल और रामा रेखा ने मरणोपरांत अपनी देह मेडिकल रिसर्च एवं अस्पतालों के उपयोग के लिए दान करने का संकल्प लिया। संस्था के पदाधिकारियों ने सभी संकल्पकर्ताओं का सम्मान करते हुए उनके इस निर्णय को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
मुस्कान फाउंडेशन ट्रस्ट की अध्यक्षा नेहा मालिक ने कहा कि किसी व्यक्ति का शरीर मृत्यु के बाद पंचतत्व में विलीन हो जाता है, लेकिन यदि वही शरीर चिकित्सा अनुसंधान और भावी चिकित्सकों की शिक्षा के काम आए तो इससे बड़ी मानव सेवा कोई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय से भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और लाखों मरीजों के उपचार में अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुस्कान फाउंडेशन परिवार सभी संकल्पकर्ताओं के इस निस्वार्थ निर्णय को नमन करता है और उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता है। साथ ही इस पुनीत अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए आर्य वानप्रस्थ आश्रम, हरिद्वार के प्रधान एवं पूरी प्रबंधन समिति का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
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