पांच हजार की आबादी वाले सैकड़ों परिवारों पर मंडरा रहा रोज मर्रा जैसी समस्याओं का खतरा।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा सारीगाड़ कंडारी मोटर मार्ग विभाग और प्रशासन के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं हो गया है, विभाग ने दो दिन रात की कड़ी मसकत के साथ मार्ग को खोला ही था लेकिन रात को मोटर मार्ग पर इतना भू धंसाव हुआ कि अब मार्ग खोलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हो गया।
गोडर के 18गांव के लोगों को थोड़ी राहत जैसे मिली तो उससे अधिक मुसीबत पैदा हो गई, ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की कार्यदाई संस्था पर गंभीर आरोप लगायें हैं।
गोडर क्षेत्र में 27गांव की कुल आबादी पांच हजार से अधिक और लोग खेती किसानी और पशुपालन और नगदी फसलों पर निर्भर हैं।
ग्रामीण बतातें हैं कि यदि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग कटींग के साथ साथ सुरक्षात्मक कार्य भी करता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती और लापरवाही इतनी की कि महिनों तक कटींग करके छोड़ दिया गया अब मुसीबतें इतनी बढी की मोटर मार्ग खोलने के लिए विभाग के हाथ पांव फूल रहे हैं।
कांग्रेस नेता सोबत राणा ने बताया कि भाजपा के क्षेत्रीय विधायक अपने चुनाव प्रचार में जुटें हैं और इधर 27गांव गोडर की सांसे थमी हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल हैं कि क्षेत्र को सिर्फ वोट बैंक के लिए ही उपयोग किया जाता है।
मामले पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सारीगाड़ कंडारी मोटर मार्ग लगातार भू धंसाव की चपेट में हैं और संबंधित विभागों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश दिए हैं,और आवश्यक हो तो लोगों की सहमति से जबतक स्थाई समाधान नहीं निकला ट्राली भी लगाई जा सकती है।