कट और जलभराव से परेशान गाजीवाली-कांगड़ी में ग्रामीणों का प्रदर्शन
हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे गाजीवाली और कांगड़ी के ग्रामीणों ने मंगलवार को आवागमन और जल निकासी की मांग को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। दोनों गांवों में लगभग एक ही समय अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण हाईवे पर जुटे। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। गाजीवाली के लोगों ने हाईवे पर कट और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था की मांग उठाई, जबकि कांगड़ी के ग्रामीण गली नंबर छह में जलभराव से निजात दिलाने की मांग को लेकर सामने आए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रही।
गाजीवाली में ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में ग्रामीण हाईवे के सामने जुटे। उनका कहना था कि गांव के नजदीक हाईवे पर कट नहीं होने से आने-जाने में परेशानी होती है। बरसात में हाईवे और वन क्षेत्र की ओर से आने वाला पानी भी ग्रामीण क्षेत्र की ओर पहुंच जाता है। उन्होंने सुरक्षित स्थान पर कट देने और पानी की निकासी के इंतजाम की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कोतवाली श्यामपुर के प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। नायब तहसीलदार अनिल गुप्ता, हल्का लेखपाल पंकज चौधरी और एनएचएआई के अधिकारी भी वहां मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उनके सामने अपनी बात रखी। अधिकारियों ने वार्ता के बाद जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
उधर, कांगड़ी में गली नंबर छह के सामने ग्रामीणों ने जलभराव को लेकर विरोध जताया। ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार दोपहर हुई तेज बारिश के बाद मुख्य सड़क पर पानी भर गया था। तेज बहाव के चलते कुछ समय तक आवाजाही प्रभावित रही। उनका कहना है कि फोरलेन निर्माण के बाद बारिश के पानी की निकासी की स्थिति बिगड़ी है। पहले जंगल और हाईवे क्षेत्र का पानी प्राकृतिक बहाव से गंगा की ओर निकल जाता था, जबकि अब पानी गांव और खेतों की तरफ आने की परेशानी बनी हुई है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने गाजीवाली और कांगड़ी दोनों स्थानों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से भी जानकारी लेकर समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
ग्रामीणों ने दोनों क्षेत्रों में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और गाजीवाली में हाईवे पर सुरक्षित कट देने की मांग की है!
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