श्रीदेव सुमन विवि के छात्र महासंघ में एबीवीपी का परचम
एबीवीपी से विक्की पंवार अध्यक्ष पद पर विजयी
विक्की को 42 और एनएसयूआई से शौर्य को मिले 3 मत
ललित निर्दलीय महसाचिव निर्वाचित
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के छात्र महासंघ में 45 मतदाताओं में से एबीवीपी के अध्यक्ष पद उम्मीदवार विक्की पंवार ने 42 वोट हासिल कर एनएसयूआई के शौर्य को करारी शिकस्त दी। एबीवीपी ने उपाध्यक्ष समेत तीन और पदों पर परचम लहराया। जबकि महासचिव पद पर निर्दलीय युवराज सिंह शाह ने जीत दर्ज की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश महाजन ने निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। वहीं, निर्वाचन की घोषणा के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता जश्न में डूब गए।
शनिवार सुबह ऋषिकेश कैंपस में चुनाव प्रक्रिया 9:30 बजे नामांकन प्रपत्रों की बिक्री से शुरू हुई। जिसमें अध्यक्ष समेत पांच पदों के लिए कुल 22 प्रपत्रों की बिक्री हुई। 11 बजे नामांकन में अध्यक्ष पद पर डाकपत्थर महाविद्यालय से एबीवीपी के विक्की पंवार और एनएसयूआई से सतपुली कॉलेज के शौर्य ने पर्चा भरा। उपाध्यक्ष पद पर नई टिहरी कॉलेज से एबीवीपी के उम्मीदवार युवराज सिंह शाह, महासचिव पद पर गोपेश्वर कैंपस से निर्दलीय ललित सिंह, सचिव पद पर थलीसैंण कॉलेज से एबीवीपी प्रत्याशी बसुदेव सिंह और कोषाध्यक्ष के लिए थराली महाविद्यालय के एबीवीपी से प्रत्याशी दर्शन कुमार ने नामांकन दाखिल किया।
दोपहर दो बजे प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी की। अपराह्न 2:30 से शाम 4:10 बजे तक मतदान हुआ, जिसमें अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के विक्की पंवार और एनएसयूआई से शौर्य के लिए मतदान हुआ। इसमें 51 में से 45 मतदाताओं ने वोटिंग की। जबकि, अन्य प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. वीके गुप्ता की निगरानी में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई।
चमोली जिलाध्यक्ष समेत छह निष्कासित
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने छात्र महासंघ चुनाव में संगठन विरोधी गतिविधियों को लेकर एनएसयूआई के चमोली जिलाध्यक्ष विपिन फरसवान समेत विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के लिए अधिकृत पांच प्रत्याशियों को संगठन से निष्कासित कर दिया है। नेगी के मुताबिक संगठन के अधिकृत प्रत्याशियों में गोपेश्वर सिंह ललित सिंह, कर्णप्रयाग से विशाल सिंह, जोशीमठ से सुमित सिंह, नारायणबगड़ से गौरव कुमार और नंदानगर घाट से अजय सिंह को निष्कासित किया गया है। उन्होंने बताया कि संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के साथ ही दूसरे संगठन के पक्ष में मतदान कराने की शिकायतें मिली थी।