हरिद्वार में मुख्यमंत्री dhami ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन में सहभागिता कर पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
उत्तराखण्ड की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी गांवों में निवास करती है और हमारे पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं। इसलिए सशक्त उत्तराखण्ड का रास्ता सशक्त गांवों से होकर गुजरता है। गांवों का विकास हमारी प्राथमिकता है और इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रदेश के 60 हजार से अधिक त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को क्षमता विकास प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आधुनिक जानकारी और बेहतर कार्यकुशलता के साथ अपने गांवों के विकास को नई गति दे सकें। सभी पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान है कि ग्रामीणों के साथ मिलकर अपनी ग्राम पंचायतों को स्वच्छ, सुंदर, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाएं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री Madan Kaushik जी, श्री Pradeep Batra जी, विधायक श्री Adesh Chauhan जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री किरण चौधरी जी समेत अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।




